शिक्षा
आज के समय में शिक्षा को जन जन तक पूँछना हमारे देश के प्रमुख चिंता के विषय में से एक है, क्योंकि हम जानते हैं की शिक्षा एक संतुलित मानव जीवन के लिए अत्यंत महात्वपूर्ण है। शिक्षा से ही किसी भी मनुष्य का विकास होता है। एक शिक्षा व्यक्ति ही समाज को अपने कार्तव्य का पालन करते हुए राष्ट्र विकास में योगदन देता है शिक्षा मानव को अपनी संस्कृत धरोहर को अपने अगले आने वाली पीढ़ियों क्यों सुखने के काबिल बनती है। शिक्षा एक ऐसे संस्था के रूप में काम करता है, जो व्यक्ति को समाज से जोड़ने तथा समाज की संस्कृति के निरंतरता को बनाए रखने में सहायक होती है।
शिक्षा शब्द संस्कृत भाषा की 'शिक्ष्' धातु से है, जिनका अर्थ है सीखना और सिखाना। इस के अनुसार यह है कहा जा सकता है कि, शिक्षा एक सीखने-सिखाने की प्रक्रिया है।


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